दरभंगा, जनवरी 7 -- जिले से गुजरने वाली कमला जीवनदायिनी नदी रही है और लोग मां लक्ष्मी के रूप में इसकी पूजा कर भाग्य, वंश व समृद्धि का वरदान मांगते हैं। वहीं, गौसाघाट दरभंगा शहर व ग्रामीण क्षेत्र का बार्डर एरिया कहलाता है। डॉ. कैलाश यादव एवं पूर्व वार्ड सदस्य राम सुधारक यादव बताते हैं कि मेला एरिया में रुकने की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालु कई परेशानियों से जूझते हैं। भगतई करनेवाले ओझा-गुनी खुले आसमान तले, गाछी में गौसाघाट पुल के दोनों तरफ रात गुजारते हैं। उन्होंने बताया कि मध्य विद्यालय तथा समता उच्च विद्यालय की ओर आसपास की गाछी एवं खेत में पुआल बिछाकर लोग ठहरते हैं। इन जगहों पर पूर्णिमा से एक दिन पहले शाम से अगले दिन दोपहर तक भगतई चलता है। भगतई देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुटती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह सिमटता जा रहा है। आधु...