भागलपुर, मई 20 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। मखाना की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि इसके ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए किसान प्रयास कर रहे हैं। ज्यादा उत्पादन के लिए किसान अधिक खाद का प्रयोग कर रहे हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। इसी समस्या से निजात के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) ने मखाना की ऑर्गेनिक खेती पर काम शुरू कर दिया है। इससे तैयार होने वाला उत्पाद सामान्य मखाना से पौष्टिकता और गुणवत्ता में काफी अलग हो, इसके लिए कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के निर्देशन में शोध निदेशालय ने इस पर काम शुरू कर दिया है। निदेशक शोध डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि इस वर्ष से ही बीएयू ने पूर्णिया सहित अन्य क्षेत्रों में ऑर्गेनिक मखाना की खेती की कवायद तेज कर दी है। इसमें किसी तरह की खाद का प्रयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे ल...
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