मेरठ, मई 16 -- महिलाएं घर चलाने से लेकर फाइटर प्लेन चलाने में सक्षम हैं। शिक्षित महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होकर देश को सशक्त करने में अपनी भूमिका निभा रही हैं। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने में जागरुकता सबसे बड़ा हथियार है। लिंग भेदभाव रहित समाज निर्माण से देश का विकास होगा और कुरीतियां दूर होंगी। प्रत्येक विवि एवं कॉलेज शिक्षक और विद्यार्थियों को पॉश अधिनियम एवं पॉक्सो अधिनियम की जानकारी होनी चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर नारी शक्ति की मिसाल है। सुभारती विवि में राष्ट्रीय महिला आयोग एवं युवा मंथन के संयुक्त तत्वावधान में लिंग संवेदनशीलता एवं पॉश जागरुकता कार्यशाला में पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने उक्त बात कही। देशभर में प्रस्तावित कैंपस कॉलिंग अभियान के शुभारंभ के तहत विजया राहटकर ने विवि के चार विद्यार्थी देवि...
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