उन्नाव, जनवरी 30 -- उन्नाव। एक फरवरी यानी कल पेश होने वाला केंद्रीय बजट इस बार देश के छोटे व्यापारियों, पारंपरिक उद्योगों और ईमानदार करदाताओं की उम्मीदों का इम्तिहान है। स्टील, एल्युमीनियम और तांबे की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान बर्तन कारोबारी आयातित कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में राहत और पारंपरिक उद्योगों को सब्सिडी की आस लगाए बैठे हैं। कपड़ा व्यापारी जीएसटी की जटिलताओं, अलग-अलग दरों और महंगे वर्किंग कैपिटल से राहत चाहते हैं, जबकि गल्ला व्यापार से जुड़े लोग मंडी टैक्स में कटौती, व्यापार बीमा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेतहाशा छूट पर रोक की मांग कर रहे हैं। सोना-चांदी के कारोबार में इम्पोर्ट ड्यूटी और टैक्स नीति को लेकर अस्थिरता है, वहीं टैक्स विशेषज्ञ नई और पुरानी कर प्रणाली में रिबेट, डिडक्शन, कैपिटल गेन और सरल आईटीआर फाइलिंग को इस बजट की...