दिल्ली, फरवरी 13 -- गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में हुई प्रारंभिक जांच से पता चला कि वे एक "डेयर" यानी चुनौतियां देने वाला कोरियाई ऑनलाइन गेम खेलती थीं.इस घटना ने ऑनलाइन गेमिंग के बच्चों पर बुरे असर की ओर ध्यान खींचा.आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है.इन गेम्स पर लेवल पूरा करने और इनाम जीतने की चाह उन्हें लगातार बांधे रखती है.खेल के प्रति यह जुनून जानलेवा जोखिम उठाने तक ले जाता है.इसका असर बच्चे के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दिखने लगता है.एक सर्वे के अनुसार, भारत में 9 से 13 साल के लगभग 49 प्रतिशत बच्चे रोजाना तीन घंटे या उससे अधिक ऑनलाइन गेमिंग में बिताते हैं.भारत का ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले कुछ सालों में यह दो गुना से अधिक...