लखनऊ, दिसम्बर 12 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एस्मा लगाए जाने का विरोध किया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में बीते 25 साल से लगातार एस्मा लगा हुआ है। अब बिजली कर्मचारियों का समर्थन करने वाले राज्य कर्मचारियों, स्थानीय निकाय और निगमों के कर्मचारियों पर भी एस्मा लगा दिया गया है जो लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में संविदा कर्मचारियों की मनमाने ढंग से छंटनी की जा रही है। कर्मचारी आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि निजीकरण कर पाने में असफल रहने के बाद अब पावर कॉरपोरेशन वर्टिकल व्यवस्था लागू करके निजीकरण थोप रहा है।

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