जमशेदपुर, दिसम्बर 14 -- 1995 से 2005 के बीच टाटा लीज भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ था। उसे हटाने की जिम्मेदारी धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी और तीन अंचलाधिकारी को सौंपी गई है। तीनों सीओ में जमशेदपुर, मानगो और बोड़ाम शामिल हैं। टाटा स्टील की सूचना पर उपायुक्त ने इन चारों अधिकारियों को शनिवार को निर्देश जारी किया है। उपायुक्त ने कहा कि यदि अतिक्रमण अस्थायी है तो तुरंत उस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। अगर जमीन पर कोई ढांचा या भवन बना हुआ है और अतिक्रमण स्थायी प्रकृति का है तो संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जेपीएलई एक्ट के तहत केस कर नियमानुसार उस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। जमीन लीज की होने पर टाटा स्टील से जेपीएलई केस दायर कराया जाए। अतिक्रमण में संलिप्त असामाजिक तत्वों और जमीन माफिया को चिह्नित कर उसके खिलाफ स्थानीय थाने मे...