प्रयागराज, मई 14 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत एसडीएम को प्रशासनिक आदेश से भूमिधर अधिकारों की घोषणा करने का अधिकार नहीं दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने गौतम बुद्ध नगर के जयराज सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यूपी राजस्व संहिता के प्रावधान यूपी जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 131ए, 131बी और यूपी राजस्व संहिता 2006 की धारा 76 संबंधित काश्तकार को हस्तांतरणीय अधिकारों के साथ भूमिधर का दर्जा देने की बात करते हैं। हालांकि प्रावधान ऐसा दर्जा देने या ऐसी घोषणा करने के लिए किसी मंच का प्रावधान नहीं करते हैं। कोर्ट ने कहा कि निश्चित रूप से एसडीएम या किसी अन्य अधिकारी को प्रशासनिक पक्ष से उक्त प्रावधानों के तहत संबंधित काश्तकार के पक्ष में ऐसी ...
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