हल्द्वानी, अक्टूबर 7 -- हल्द्वानी। राजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में रविवार देर रात आग लगने से आठ मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी बात हो रही है। जैसी स्थिति वर्तमान में एसटीएच की है ऐसे में यहां अग्निकांड जैसी कोई आपात स्थिति बनती है तो भर्ती मरीजों को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस बहुमंजिला अस्पताल में आपातकालीन निकासी के लिए रैंप की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति तब है, जब रैंप निर्माण के लिए अस्पताल प्रबंधन ने छह साल पहले पेयजल निर्माण निगम को 3.45 करोड़ रुपये दे चुका है। कुमाऊं के इस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 1600 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है, जबकि 500 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। इनमें गंभीर स्थिति वाले आईसीयू...
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