रांची, जुलाई 5 -- रांची, विशेष संवाददाता। एसएस मेमोरियल कॉलेज के बीबीए विभाग में शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। विषय था- न्यूरोमार्केटिंग: उपभोक्ता के मस्तिष्क को समझना। इसमें मुख्य वक्ता विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ तनुज खत्री ने कहा कि आज के मार्केटिंग युग में वही मार्केटर या कंपनी टिक सकती है, जो ग्राहक के मस्तिष्क को समझती है। कहा कि अब हमें उत्पाद हमारे सोचने के ढंग, भावनाओं और निर्णय लेने की क्षमता को ध्यान में रखकर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो मस्तिष्क विज्ञान और मार्केटिंग के संगम से बना है। इसके अंतर्गत यह अध्ययन किया जाता है कि ग्राहक किस प्रकार सोचता है, महसूस करता है, निर्णय लेता है और प्रतिक्रिया देता है। कार्यशाला में मस्तिष्क की भूमिका, रंग व डिजाइन का महत्व, आई ट्रैकिंग, ध्वनि और सुगं...
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