नई दिल्ली, जनवरी 6 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के वे कर्मी जो 1 जनवरी 2009 से पहले सेवानिवृत हुए हैं, वे भारतीय सेना के समकक्ष रैंकों के समान सौ फीसदी पेंशन की मांग के हकदार नहीं हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मी केवल पेंशन के कुल मूल्य के 45 प्रतिशत की बहाली का ही दावा कर सकते हैं, जैसा कि पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों में निर्धारित किया गया। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने पूर्व सैनिक कल्याण संघ द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए यह निर्णय दिया है। याचिका में प्री-2009 अवधि में सेवानिवृत एसएफएफ के नॉन-ऑफिसर रैंक कर्मियों के लिए पूर्ण पेंशन समानता की मांग की गई थी।
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