शामली, जनवरी 8 -- जिले की सियासत में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हुई वोटों की छंटनी ने चुनावी समीकरणों को झकझोर कर रख दिया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जिन मामूली अंतर से हार-जीत तय हुई थी, उससे कहीं अधिक संख्या में मतदाता सूची से नाम कट गए हैं। सियासी गलियारों में इसे आने वाले चुनावों के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। अब सियासी दलों के नेता मतदाता सूची से कटे वोटों का जोड़ घटा करने में लगे है। 2022 के विधानसभा चुनाव में शामली जिले की तीनों सीटों पर विपक्षी गठबंधन को जीत मिली थी, लेकिन जीत का अंतर बेहद सीमित रहा। कैराना विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नाहिद हसन ने भाजपा प्रत्याशी मृंगाका सिंह को 25,887 वोटों से हराया था। इस चुनाव में नाहिद हसन को 131035 वोट मिले थे जबकि भाजपा की मृंगाका सिंह को 105148 मत प्राप्त हुए थे। इस...
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