शामली, फरवरी 6 -- जिले में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम दिन आपत्ति निस्तारण के दौरान पहचान से जुड़ी कई जटिल समस्याएं सामने आईं। सबसे बड़ी परेशानी नाम परिवर्तन को लेकर देखी गई, जिसके चलते कई मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पा रहा है। एसआईआर के अंतिम दिन बीएलओ और निर्वाचन कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इनमें कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग नाम होने के कारण वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका। इससे मतदाता का वोट बनना अटक गया। शुक्रवार को तहसील में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक महिला के पित ने बताय कि इसकी पत्नी का नाम मायके में झिंगी था। वर्ष 2003 में मायके में रहते हुए उसी नाम से उसका वोट बन गया था। बाद में शादी के बाद ससुराल में उसका न...
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