कानपुर, जनवरी 28 -- मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए संचालित एसआईआर अभियान के दूसरे चरण में नॉन मैपिंग के चलते जारी किए गए नोटिस मतदाताओं के लिए बवाले जान बन रहे है। नोटिस जारी होने के बाद अभिलेख जुटाने में मतदाता पसीना बहा रहे है। वहीं तहसील स्तर पर ही मात्र सुनवाई की व्यवस्था लागू होने से तहसील मुख्यालय के सुदूर वर्ती गांवों के लोगों को सुनवाई के लिए पहंुचने में धन समय के साथ वापसी में रात हो रही है। एसआई आर अभियान के दौरान बीएलओ से लेकर पर्यवेक्षकों की ओर से की गई खामियों का खामियाजा मतदाताओं को उठाना पड़ रहा है। तहसील में नोटिस लेकर पहंुचे अधिकांश मतदाताओं ने दावा किया कि गणना प्रपत्र भर कर जमा करने के दौरान सभी मांग गए अभिलेख जानकारी प्रदान करने के बाद भी गणना प्रपत्र की मैपिंग नहीं किए जाने के कारण नोटिस जारी होने की जानकारी तहसील पहंुचन...