पटना, मई 11 -- एशियाई जलपक्षी गणना (एडब्ल्यूसी) की गुणवत्ता और मानकीकरण सुनिश्चित करने तथा इसमें नागरिकों की भागदारी बढ़ाने पर रणनीति बनेगी। साथ ही नीतिगत निर्णयों में एडब्ल्यूसी के आंकड़ों का उपयोग पर जोर दिया जाएगा। पटना में इसको लेकर दो दिवसीय एशियन वॉटरबर्ड सेन्सस इंडिया कोऑर्डिनेटर बैठक सह कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। जलचरों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण को लेकर आयोजित कार्यशाला का आयोजन बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया तथा बिहार राज्य पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने किया। बैठक में बिहार की भूमिका को विशेष सराहना मिली। राज्य ने वर्ष 2022 से लगातार चार वर्षों तक पूरे बिहार में व्यवस्थित रूप से एडब्ल्यूसी सर्वेक्षण कर मिसाल पेश की है। बैठक में बिहार सहित विभिन्न राज्यों गोवा, कर्नाटक, झारखंड, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.