नई दिल्ली, मई 8 -- अमेरिकी अरबपति और इनोवेटर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने की मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी कंपनी ने करीब दो साल पहले लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था और सारी दुनिया की तरह भारत में भी अपने लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स की मदद से इंटरनेट सेवाएं देने की पेशकश की थी। आखिरकार दूरसंचार विभाग (DoT) से इसे मंजूरी दे दी गई है। आइए बताएं कि स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा कैसे काम करेगी। स्टारलिंक दरअसल अंतरिक्ष मे मौजूद छोटे इंटरनेट सैटेलाइट्स का एक बड़ा नेटवर्क है। इन सैटेलाइट्स को पृथ्वी की नजदीकी कक्षा (लो-अर्थ ऑर्बिट) में भेजा गया है और ये करीब 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद हैं। तुलना के लिए बता दें कि बाकी बड़े नेविगेशन या कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स पृथ्वी से 2000 किलोमीटर से लेकर 25 हजार किलोमीटर...
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