नई दिल्ली, अगस्त 29 -- मदन जैड़ा नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 7 साल के बाद हो रही चीन यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। टैरिफ को लेकर अमेरिका से तल्ख होते संबंध के बीच भारत चीन से संबंधों को सुधारने में लगा है। इस यात्रा के दौरान भी भारत का पूरा फोकस वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मई 2020 से पहले की स्थिति बहाली पर रहेगा। वहीं चीन का जोर भारत के साथ कारोबार बढ़ाने और अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए रूस और भारत के साथ मिलकर नई रणनीति पर रहने की संभावना है। चीन से भारत के राजनयिक संबंध हालांकि 1950 में स्थापित हो चुके थे। दोनों अपने संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मना रहे लेकिन इन संबंधों में टकराव भी आए हैं। 1962 में सीमा संघर्ष के बाद संबंधों को पटरी पर लाने में कई दशक लगे। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के प्रयासों से 1988 में इन्ह...
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