गोरखपुर, मई 20 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स अब पूर्वांचल सहित बिहार और नेपाल के मरीजों की अनुवांशिक बीमारियों का पता लगाएगा। इसके लिए मरीजों की जेनेटिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे समय रहते गंभीर बीमारियों का पता लग सकेगा साथ ही इलाज की व्यवस्था भी एम्स में हो सकेगी। एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता की पहल पर इसकी तैयारी एम्स ने शुरू कर दी है। जेनेटिक स्क्रीनिंग के लिए मरीजों का लार या रक्त का नमूना लिया जाता है। इसके जरिए गर्भावस्था के दौरान ही भ्रूण में होने वाली अनुवांशिक विकारों का पता लगाया जा सकेगा। इसके लिए गर्भवतियों की प्रीनेटल स्क्रीनिंग की जाएगी। कैरियर स्क्रीनिंग के जरिए माता-पिता में किसी एक को अनुवांशिक बीमारी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। इसका भी पता समय से पहले चल जाएगा। वहीं, प्रीइं...
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