गोरखपुर, जनवरी 22 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स में मायस्थेनिया ग्रेविस से पीड़ित एक गंभीर मरीज मायस्थेनिक क्राइसिस (सांस लेने वाली मांसपेशियों में कमजोरी) की स्थिति में भर्ती हुआ था। एम्स के मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने थेरैप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज कर मरीज की जान बचाई है। राहत की बात यह है कि मरीज का इलाज आयुष्यमान योजना के तहत हुआ है। एम्स के मुताबिक, मरीज मायस्थेनिक क्राइसिस पीड़ित था। इसकी वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत के साथ, निगलने और बोलने में परेशानी हो रही थी। अग सही पर इलाज नहीं होता तो यह स्थिति रेस्पिरेटरी फेल्योर तक पहुंच सकती थी। इस पर तत्काल मरीज को भर्ती कर थेरैप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसका असर यह रहा है कि मरीज स्वस्थ हो गया। एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि थेरैप्यूटिक प्लाज्मा...
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