नई दिल्ली, फरवरी 21 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में फैकल्टी स्तर के 34 प्रतिशत पद खाली होने से इलाज व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। 1306 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 860 डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 446 पद रिक्त पड़े हैं। लंबे समय से स्थायी नियुक्तियां न होने और कई डॉक्टरों के सेवानिवृत्त या संस्थान छोड़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। निदेशक एम श्रीनिवास ने दिसंबर तक 265 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति पूरी करने के निर्देश दिए थे। अगस्त और सितंबर में मिशन मोड में प्रक्रिया तेज करने के आदेश भी जारी हुए, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी नियुक्तियां पूरी नहीं हो सकीं। इस मामले पर एम्स ने प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बताया जा रहा है कि नियुक्ति की प्रक्रिया अगले दो से ढाई माह में पूर...