गोरखपुर, फरवरी 21 -- गोरखपुर। एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने मेडाएलईपीआर (मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सिस्टम) प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए एक समग्र डिजिटल मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग प्रणाली लागू की है। इस पहल के तहत सभी पोस्टमार्टम परीक्षणों का अभिलेख डिजिटल रूप से रखे जाएंगे। इसके बाद अभिलेखों में छेड़छाड़ नहीं हो सकेगा। इससे साक्ष्य की विश्वसनीयता बरकरार रहेगी। एम्स के फारेंसिक यह प्रणाली मेडिको-लीगल अभिलेखों की सम्पूर्ण ट्रेसबिलिटी प्रदान करती है और मैनुअल त्रुटियों को न्यूनतम करती है। एम्स के फारेंसिक मेडिसिन के नवनीत ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय डिजिटल गवर्नेंस एवं ई-डॉक्यूमेंटेशन अभियानों के अनुरूप है। इसके जरिए एम्स पूरी तरह से डिजिटल ऑटोप्सी रिपोर्टिंग अपनाने वाले संस्थानों में शामिल हो गया है।...