गया, फरवरी 7 -- मगध विश्वविद्यालय के फिजियोथैरेपी विभाग द्वारा शनिवार को कैरोप्रैक्टिस तकनीक के माध्यम से स्पाइनल डीकंप्रेशन एवं जॉइंट मोबिलाइजेशन विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। फिजियोथैरेपी के विद्यार्थियों को आधुनिक और उन्नत उपचार तकनीकों से रूबरू कराने के उद्वेश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करती है और मगध विश्वविद्यालय निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है। विभाग के निदेशक डॉ. बीपी नलिन ने कुलपति और आमंत्रित विशेषज्ञ का पारंपरिक रूप ...