अलीगढ़, नवम्बर 14 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। टीबी के मरीजों में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी चुनौती बनता जा रहा है। पारंपरिक दवाओं पर असर न होने से डॉक्टरों को इलाज बार-बार बदलना पड़ रहा है। अलीगढ़ समेत आसपास के जिलों में करीब 700 मरीज ऐसे हैं जो विशेष निगरानी में हैं। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अब सबसे बड़ी चिंता मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के मामलों की बढ़ती संख्या है। सामान्य टीबी के मुकाबले एमडीआर टीबी का इलाज न सिर्फ लंबा है, बल्कि दवाओं के दुष्प्रभाव और लागत भी कहीं ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति तब बनती है जब मरीज इलाज अधूरा छोड़ देते हैं या नियमित दवा नहीं लेते। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ऐसे मरीजों की पुरानी फाइलें खंगाल रही हैं, जिन्होंने उपचार बीच में रोका था। विभाग ने इन मरीजों को चिह्नित कर दोबारा संपर...