प्रयागराज, फरवरी 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नेत्र विज्ञान विभाग (मनोहर दास क्षेत्रीय नेत्र संस्थान) के डायरेक्टर पद को लेकर चल रहे विवाद को निपटाते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक डायरेक्टर का कोई अलग स्वतंत्र पद सृजित नहीं किया जाता, तब तक विभागाध्यक्ष ही पदेन डायरेक्टर-कम-प्रोफेसर होंगे। कोर्ट ने कहा कि केवल वरिष्ठता के आधार पर किसी को यह पद नहीं दिया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने दिया है। डॉ अपराजिता चौधरी और डॉ संतोष कुमार ने इस पद को लेकर अलग अलग याचिका दाखिल की थी। डॉ अपराजिता का कहना था कि वह संस्थान की सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर हैं, इसलिए डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी उन्हें मिलनी चाहिए। दूसरी ओर डॉ संतोष कुमार का कहना था कि वर्तमान में रोटेशन के आधार पर वह विभागाध्यक्ष हैं इसलिए डायरेक्टर की ...