मुजफ्फरपुर, सितम्बर 18 -- मुजफ्फरपुर। एमआईटी में गुरुवार को सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में मान्यता की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संरक्षक प्राचार्य प्रो. एमके झा रहे। मुख्य अतिथि प्रो. बीवी रामना रेड्डी, निदेशक, एनआईटी कुरुक्षेत्र ने कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और संतुलित मानव के निर्माण का माध्यम है। उन्होंने कोठारी आयोग (1967) की सिफारिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य रोजगारोन्मुखी कौशल का विकास, समग्र मानव निर्माण, बच्चों में उद्यमिता की भावना विकसित करना होना चाहिए।
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