मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 17 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एमआईटी के एक छात्र की स्नातक की डिग्री फर्जी होने का संदेह है। डिग्री सत्यापन के लिए दिल्ली से बीआरएबीयू में भेजा गया है। प्रथम दृष्टया डिग्री का फार्मेट गलत पाया गया है। आशंका जताई जा रही है डिग्री को स्कैन कर बनाया गया है। डिग्री वर्ष 2010 की है। डिग्री पर संदेह होने के बाद परीक्षा विभाग ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि डिग्री का मिलान टीआर से कराया जायेगा। मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इससे पहले जम्मू कश्मीर में भी बीआरएबीयू की एक डिग्री फर्जी मिली थी। इस मामले में भी विवि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। बीआरएबीयू के नाम पर पिछले कई दिनों से फर्जी डिग्री मिलने का मामला सामने आ रहा है। जुलाई में होम्योपैथ की दो...