अलीगढ़, जनवरी 5 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की रीढ़ माने जाने वाले एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) केंद्रों की हकीकत एक रिपोर्ट में सामने आई है। प्रसव की सुविधा के बावजूद एफआरयू केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार जिला महिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थानों पर ही अधिकतर बोझ है। अक्टूबर तक जिला महिला अस्पताल में 6,255 और मेडिकल कॉलेज में 4,958 प्रसव हुए। वहीं ग्रामीण एफआरयू केंद्रों पर भी सैंकड़ों प्रसव दर्ज हुए, लेकिन वहां विशेषज्ञ सेवाएं लगभग नदारद हैं। सीएचसी खैर, अकराबाद, छर्रा, इगलास, गभाना और जवां जैसे कई एफआरयू केंद्रों पर नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। अधिकांश स्थानों पर बेहोशी (एनेस्थीसिया) विशेषज्ञ और शल्य चिकित्सक भी उपलब्ध नहीं हैं, जि...