नई दिल्ली, फरवरी 24 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने धन हस्तांतरण में देरी करने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। डीपीसीसी को वन और वन्यजीव विभाग को धन हस्तांतरित करने थे। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने बहाने बनाकर आदेशों का पालन नहीं करने की व्यापक प्रवृत्ति की निंदा करते हुए कहा कि धन हस्तांतरण में देरी के लिए दिए गए तर्क पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। दरअसल, यह मामला निलोठी गांव में संचालित चार अवैध पत्थर तोड़ने वाली इकाइयों से जुड़े मुआवजे का है। नवंबर 2023 में एनजीटी ने डीपीसीसी को निर्देश दिया था कि इन इकाइयों से पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में वसूले गए आठ लाख रुपये वन और वन्यजीव विभाग को जारी किए जाएं, ताकि उस राशि ...
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