बदायूं, अगस्त 11 -- गांव देहात में गोशालाओं का बेहतर संचालन हो और छुट्टा गोवंश को संरक्षित किया जा सके। इसके लिए प्रधानों के हवाले से व्यवस्था को एब एनजीओ को दी जाने लगी है। प्रधान स्तर की लापरवाही को खत्म करने के लिए एनजीओ को गोशाला की जिम्मेदारी दी जाने लगी है। जनपद में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र जोड़कर कुल 317 गोशाला संचालित हैं। इसमें छोटी बड़ी सभी संचालित हैं जिसमें करीब 24 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। गांव देहात में प्रधान और सचिवों के बीच ठन जाने पर गोशाला की दुर्दशा हो रही है। इसीलिए प्रभावित वाली गोशालाओं को एनजीओ को उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल तो पशुपालन विभाग की ओर से एक नहीं अलग-अलग ब्लाकों की 10 ग्राम पंचायतों की गोशाला एनजीओ को उपलब्ध करा दी गई हैं। इसमें ब्लाक सालारपुर की ग्राम पंचायत रफियाबाद, उसावां ब्लाक के गांव खेड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.