अलीगढ़, दिसम्बर 27 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में मरीजों की सुरक्षा और मुफ्त इलाज की योजनाएं कागजों में मजबूत दिखती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक, रेफरल के नाम पर निजी अस्पतालों को मरीज 'सप्लाई' करने का खेल बेधड़क जारी है। खासतौर पर प्रसव और ऑपरेशन वाले मरीजों पर दलालों और निजी संस्थानों की नजर रहती है। अतरौली क्षेत्र में 49 प्रसव मामलों को सीधे निजी अस्पतालों में भेजे जाने का पूर्व में खुलासा हुआ, जिस पर जिला स्वास्थ्य समिति ने कड़ी आपत्ति जताई थी, लेकिन जिम्मेदारी तय होने के बजाय फाइलें ही आगे बढ़ती रहीं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तमाम दावों के बीच सरकारी सिस्टम में निजी 'सेटिंग' का खेल लगातार उजागर हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्...
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