प्रयागराज, दिसम्बर 24 -- प्रयागराज। प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती में नए चयन आयोग के माध्यम से पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम के नए प्रावधान के अनुसार चयनित शिक्षकों का पैनल (चयन सूची) केवल एक वर्ष तक ही प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य समयबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी करना है। हालांकि जिस प्रकार हर भर्ती को लेकर कानूनी विवाद होते हैं चयनित अभ्यर्थियों के एक साल में कार्यभार ग्रहण करना बड़ी चुनौती होगा। नई व्यवस्था के अनुसार चयन आयोग अभ्यर्थियों का चयन करने के बाद चयन सूची प्राधिकृत अधिकारी (निदेशक) को भेजेगा। प्राधिकृत अधिकारी चयनित अभ्यर्थियों को संस्थाओं का आवंटन करने के पश्चात चयनित अभ्यर्थियों के नामो का पैनल संस्थाओं के नियुक्ति ...
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