शामली, दिसम्बर 9 -- रिश्वत की सौदेबाजी के खेल में स्टांप शुल्क तो घटता गया लेकिन आरोपियों ने रिश्वत कम नहीं की। शुरुआत से लेकर बाद तक स्टांप शुल्क घटाकर एक लाख 60 हजार रुपये कर दिया लेकिन रिश्वत कम नहीं की। शिकायत कर्ता महेश की माने तो इसमें भी बाद में एआईजी स्टांप एवं स्टेनों की ओर से ऑफर दिया गया कि पहले रिश्वत के एक लाख रुपये दे दो। स्टांप शुल्क बाद में जमा होता रहेगा। यहीं नहीं स्टांप शुल्क के एक लाख 60 हजार रुपये की रकम भी खुद को देने की बात कह रहे थे। शिकायतकर्ता मुंडेट निवासी महेश की पत्नी संगीता व भाभी नीलम पत्नी मुकेश कुमार के नाम पर 15 जून 2024 में ऊन तहसील क्षेत्र में स्थित हथछोया गांव में 20 बीघा भूमि खरीदी थी। इसकी मालिमात 1 करोड 04 लाख 20 हजार रुपये थी। इसी आधार पर सर्किल रेट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क 05 लाख 01 हजार 500 रुपय...
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