गंगापार, सितम्बर 24 -- भारत अब त्योहारों के साथ ही चुनावों का देश भी कहा जाने लगा है। कभी पंचायत, कभी निकाय, कभी विधानपरिषद, कभी विधानसभा तो कभी लोकसभा के चुनाव होते रहते है। इन सभी कार्यों में भारी भरकम राजस्व का व्यय होता है, यह राजस्व हम देशवासियों के खून पसीने की कमाई से इकट्ठा होती है। ऐसे ने एक राष्ट्र एक चुनाव राजस्व के व्यय में कमी लाएगा और देश में स्थिरता आएगी। उक्त बातें क्षेत्र के मैना देवी इंटर कालेज में भाजपा के स्टूडेंट फॉर वन नेशन वन इलेक्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक राष्ट्र एक चुनाव विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंडल अध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहीं। अभियान के जिला संयोजक राजकुमार कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए।
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