सुहेल खान, फरवरी 3 -- कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्ट्री (एसएएफ) में बन रही एक मिनट में 600 गोलियां दागने वाली अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल एके-203 का पूरी तरह स्वदेशीकरण हो चुका है। रूस के सहयोग से बन रही यह राइफल अभी तक दोनों देशों के पार्ट्स और तकनीक की मदद से बन रही थी, लेकिन अब एके-203 शत प्रतिशत स्वदेशी हो चुकी है। स्वदेशी राइफल को सेना को देने से पहले तीन चरणों में ट्रायल होना है। पहला विंटर ट्रायल इसी फरवरी माह में हिमाचल प्रदेश के सुमडो में होगा। सेना, एसएएफ और एके-203 को असेंबल करने वाली अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रोजेक्ट कोरवा की टीम की मौजूदगी में होगा। तपिश भरी गर्मी में हथियार का ट्रायल राजस्थान और बारिश का ट्रायल दक्षिण भारत में होगा। रूस और भारत के ज्वाइंट वेंचर आईआरआरपीएल ने एके-203 को बनाने की शुरुआत की। इसका चरणबद्ध तरीके से...
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