गाज़ियाबाद, फरवरी 6 -- गाजियाबाद, प्रमुख संवाददाता। जिले में एक माह में स्टांप चोरी के 132 मामले दर्ज किए गए, जिनसे शासन को करीब सात करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। जांच में बैंक, निजी संस्थान और संपत्ति लेनदेन से जुड़े लोग लिप्त पाए गए। निबंधन विभाग ने इन मामलों में वसूली के साथ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि दो बैंकों ने ही सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप चोरी की। संपत्तियों की नीलामी करने के बावजूद बैंकों ने नियमानुसार स्टांप शुल्क जमा नहीं किया। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही पावर ऑफ अटॉर्नी के नाम पर भी स्टांप चोरी का मामला समाने आया है। निबंधन अधिकारियों के मुताबिक जांच में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा करीब तीन करोड़ 63 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई। बैंक न...