वाराणसी, जनवरी 28 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। भेलूपुर स्थित भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली पर मंगलवार को विनयांजलि सभा हुई। मुख्य अतिथि सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा थे। उन्होंने कहा कि पंच महाव्रत में से यदि एक को भी धारण कर सके तो हमारा जीवन सफल हो जाएगा। जैन परंपराओं के संदेशों का पालन मानवता के लिए उपयोगी है। जैन मुनि समता सागर महाराज ने कहा कि जीने की कला तो सभी सिखाते हैं। जो जीने के साथ करने की कला सिखाता है वह जैन धर्म है। आर्यिका गुरु मति माताजी ने कहा कि संकट के समय स्वयं के अंतरंग में स्थित हो जाइए। संकट स्वयं टल जाएगा। वर्तमान को संभालिए सभी अच्छा होगा। डॉ. फूलचंद जैन प्रेमी, प्रो. कमलेश जैन आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान आचार्य विद्या सागर महाराज पर विशेष आवरण और टिकट संग्रह का विमोचन कि...
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