गंगापार, सितम्बर 11 -- आलू और गेहूं की बोआई करीब आ रही है ऐसे में किसान डीएपी का जुगाड़ करने में लगे हैं। साधन सहकारी समितियां में इस वक्त डीएपी की भारी किल्लत है। किसानों को एक बोरी प्रति बीघे पर डीएपी दी जा रही है। जबकि तीन बोरी से अधिक किसी को नहीं दी जा रही है। उसका खेत कितना भी ज्यादा हो। किसान राकेश कुमार पटेल के मुताबिक जिस भी समिति में एक बीघे पर एक बोरी डीएपी दी जाएगी तो आलू की बोआई कैसे होगी और 5 से 10 बीघा खेत वाले किसानों को भी अगर तीन बोरी खाद मिलेगी तो आलू बोना संभव नहीं होगा। गहरपुर मलकिया के जगदंबा पटेल ने कहा कि जरूरत के अनुसार डीएपी उपलब्ध कराई जाए। किसान राणा प्रताप, शिवसागर पटेल, छेदीलाल बचऊ आदि ने जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है। साधन सहकारी समिति बकराबाद की बात करें तो इसमें नौ टन कुल 180 बोरी खा...
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