औरंगाबाद, जुलाई 3 -- नवीनगर प्रखंड मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर बैरिया पंचायत के बैरवां लोकनाथ गांव के ग्रामीण आजादी के 78 वर्षों के बाद भी एक पुल के लिए तरस रहे हैं। रामरेखा नदी के किनारे पर बसे बैरवां लोकनाथ गांव में आने-जाने का कोई साधन नहीं है। नवीनगर सीरिस मुख्य पथ से गांव की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। ग्रामीण संजीत सिंह ने बताया कि मुख्य पथ से गांव तक जाने के लिए एक किलोमीटर कच्ची सड़क का निर्माण भी गांव के ग्रामीणों के द्वारा अपने निजी पैसे से कराया गया है। मुकेश पांडेय ने बताया कि अभी रामरेखा नदी सूखी है जिसके कारण लोग नदी से पार होते हुए गांव में पहुंच जा रहे हैं। बरसात के दिनों में गांव के लोग चचरी पुल के सहारे नदी पार करते है। सबसे अधिक समस्या बरसात के दिनों में होती है। रात्रि में कोई बीमार पड़ जाता है तो चचरी पुल के सहारे खाट प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.