नई दिल्ली, जनवरी 29 -- भारत के साथ व्यापार समझौते से इन दिनों यूरोपीय संघ खूब चर्चा में है। यूरोपीय संघ केवल 27 देशों का समूह नहीं है, वह इतिहास की प्रयोगशाला है, जहां सदियों की लड़ाइयों, साम्राज्यों के उत्थान-पतन और खून से खिंचे नक्शों के बाद यह तय किया गया कि अब तलवारें नहीं चलेंगी, समझौते चलेंगे। द्वितीय विश्व युद्ध के मलबे से उठकर यूरोप ने यह माना कि राष्ट्रवाद की अति अंततः राष्ट्रों को ही लहूलुहान करती है। इस स्वीकारोक्ति से यूरोपीय संघ का जन्म हुआ, जो आज दुनिया की सबसे संगठित और जटिल बहुराष्ट्रीय संरचनाओं में से एक है। वर्तमान यूरोपीय संघ में 27 देश शामिल हैं। जर्मनी और फ्रांस इसकी धुरी माने जाते हैं, तो इटली और स्पेन इसकी ऐतिहासिक आत्मा हैं। नीदरलैंड, बेल्जियम और लक्जमबर्ग जैसे छोटे देश इसके प्रशासनिक संतुलन को साधते हैं। पूर्वी यू...