दरभंगा, दिसम्बर 8 -- कमतौल। सरकारी अस्पतालों की बदहाली और किसी गंभीर रोग व दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी से निपटने की सरकार की तैयारी फिसड्डी साबित हो रही है। एपीएचसी जो अपग्रेड होकर हेल्थ वेलनेस सेंटर भी बन चुका है, वह उपचार देने में कितना सक्षम है उसे परखने के लिए उसकी पड़ताल की गयी। जाले प्रखंड के कमतौल अहियारी नगर पंचायत के अहियारी स्थित एपीएचसी अहिल्यास्थान मात्र एक आयुष चिकित्सक (यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी) डॉ. इरशाद आलम व एक एएनएम के भरोसे चल रहा है। इसमें भी एएनएम अस्पताल में तब मौजूद रहती हैं जब फील्ड वर्क नहीं होता। लोगों की तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें आयुष चिकित्सक से ही इलाज कराना पड़ता है। गंभीर रूप से पीड़ित मरीज को जाले रेफरल अस्पताल अथवा डीएमसीएच पहुंचने से पहले कोई उपाय नहीं है। यहां सर्दी, खांसी, बुखार सहित छोटे-मोटे च...