घाटशिला, दिसम्बर 8 -- डुमरिया।राज्य सरकार के समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणे पहुंचाने का दावा खोखली साबित हो रही है, और धरातल पर असलियत आज भी है कि दुरदराज और पहाड़ो के किनारे बसे गांव के लोग आज भी जिल्लत की जिंदगी जीने को मजबुर हो रहे है, और उनके दुख दर्द को बांटने वाला कोई नही है। ताजा मामले डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल पंचायत के पितामाहली गांव के गाडियाटांडी टोला में देखने को मिला। यह गांव पहाड़ के किनारे बसा है और गांव से मुख्य सड़क की दुरी लगभग तीन किलोमीटर है। गांव में सड़क नही होने के साथ साथ मुख्य सड़क पर पहुंचने को लेकर दो पहाड़ी नाला लाढूं हो एवं दूसरी लुपरू हो है। अभी भी इस नाले में पानी है। गाडियाटांडी टोला के कोल व सरदार जनजाति के लगभग 25 परिवार के दशको से रहते आ रहे है। सोमवार की अहले सुबह नयी नवेली दुल्हन दात्की पुर्त...
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