मेरठ, दिसम्बर 14 -- देशभर के सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में पीएचडी कर रहे शोधार्थी और उनके रिसर्च गाइड की पूरी कुंडली अब एक क्लिक पर होगी। गुणवत्ता, समय और मानकों को पूरी तरह से लागू करने को विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों को शोधचक्र में खुद को पंजीकृत करना अनिवार्य होगा। शोध के लिए किसी विवि या अन्य शोध केंद्र पर पंजीकरण के पहले दिन से लेकर शोध पूरा करने तक का प्रत्येक चरण यूजीसी और इंफोर्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क (इंफ्लिबनेट) की निगरानी में रहेगा। असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर अपनी श्रेणी में तय शोधार्थियों को ही शोध करा सकेंगे। यूजीसी नियमों में असिस्टेंट प्रोफेसर चार, एसोसिएट प्रोफेसर छह एवं प्रोफेसर आठ छात्रों को एक समय में शोध करा सकते हैं। देश में इस वक्त एक हजार से अधिक विवि और 50 हजार से ज्यादा कॉलेज हैं। यह है ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.