नई दिल्ली, फरवरी 13 -- उत्तर प्रदेश के बरेली की पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है, जिसने न केवल एक किशोरी के हत्यारों को बेनकाब किया, बल्कि 9 साल पुराने एक गुमनाम कत्ल का भी राजफाश कर दिया। पुलिस की सख्ती और 'पॉलीग्राफ टेस्ट' के डर ने शातिर अपराधियों को अपना जुर्म कबूलने पर मजबूर कर दिया। मामला पिछले साल जनवरी का है, जब क्योलड़िया की एक 16 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। आठ महीने बाद सितंबर में जंगल से हड्डियां और कपड़े बरामद हुए, जिनकी डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि वे उसी किशोरी के अवशेष थे। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के आधार पर गांव के ही हिस्ट्रीशीटर सलीम हुसैन पर शिकंजा कसा। जब सलीम ने मुंह नहीं खोला, तो पुलिस ने उसके पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी शुरू की।पॉलीग्राफ टेस्ट का खौफ और दूसरी हत्या का खुलासा पुलिस सलीम को दिल्ली ले जाने वाली थ...