उन्नाव, फरवरी 24 -- सफीपुर। आगरा एक्सप्रेस-वे पर 13 दिसंबर को हुए सड़क हादसे का राज अब सामने आएगा। 22 वर्षीय रामजी का शव परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए गंगा बहेलवा घाट के किनारे दफना दिया था। 71 दिन बाद जिलाधिकारी गौरांग राठी की जांच और परिजनों की तहरीर के बाद शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। आसीवन थानाक्षेत्र के गांव रोलिया निवासी रामस्वरूप ने दो जनवरी को जिलाधिकारी को पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्रवधू सुमन पत्नी सुरेंद्र और पौत्र रामजी लखनऊ जा रहे थे, जब थाना बेहटा मुजावर क्षेत्र में किलोमीटर 253 के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनके बाइक को टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए और जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किए गए। रास्ते में नवाबगंज के पास रामजी की मौत हो गई। परिजनों ने अज्ञानतावश पुलिस को सूचना दिए बिना शव को द...