रांची, अगस्त 9 -- रांची, वरीय संवाददाता। एक्सआईएसएस में पारंपरिक नृत्य और विचारोत्तेजक चर्चाओं के साथ शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। साथ ही मूलनिवासी विरासत के सम्मान और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। संस्थान के सहायक निदेशक डॉ प्रदीप केरकेट्टा एसजे ने कहा कि यह समय मूलनिवासी समुदायों के लचीलेपन, बुद्धिमत्ता और सांस्कृतिक समृद्धि को पहचानने का है। साथ ही उनके अधिकारों, सम्मान और स्थायी भविष्य की वकालत करने का भी। फादर अशोक कंडुलना एसजे ने मूलनिवासियों के संघर्षों के प्रति सहानुभूति और समझ को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला। डीन अकादमिक डॉ अमर ई तिग्गा ने इस दिन को न केवल एक उत्सव के रूप में, बल्कि इस यात्रा के दौरान आई चुनौतियों की एक स्पष्ट याद के रूप में मनाने के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को अपने कौशल को...
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