लखनऊ, फरवरी 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऊर्जा क्षेत्र में एकतरफा फैसलों पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का नवंबर 2024 में लिया गया एकतरफा फैसला ऊर्जा निगमों में कार्य वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर चुका है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है और उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, और अभियंताओं के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की हैं, जिससे ऊर्जा निगमों में तनाव और टकराव का वातावरण बन गया है।
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