बिहारशरीफ, सितम्बर 6 -- एकंगरसराय, निज संवाददाता। थाना परिसर, रेलवे स्टेशन स्थित बुढ़बा महादेव स्थान समेत अन्य जगहों पर शनिवार को अनंत चतुर्दशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पंडित विजय पांडेय, वेदाचार्य पंडित जनार्दन पांडेय और आचार्य अर्जुन पांडेय ने बताया कि अनंत के रूप मे हरि की पूजा होती है। अनंत राखी समान रूई या रेशम के धागे के होते हैं और इसमें 14 गांठ होती है। उन्होंने बताया कि अनंत अनेकों रूप का एक रूप है और वे काल हैं, जिसे अनंत कहा जाता है। अनंत व्रती लगातार 14 वषों तक अनंत व्रत करते हैं, तो व्रती विष्णुलोक की प्राप्ति कर सकता है। इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है तथा भगवान अनंत की कृपा से जीवन के समस्त कष्ट समाप्त हो जाते हैं।
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