अलीगढ़, अगस्त 21 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। एएमयू प्रशासन ने ट्यूशन और हॉस्टल फीस संशोधन को लेकर उठे विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि फीस में नाममात्र वृद्धि की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और आवासीय ढांचे को बेहतर बनाना है। प्रशासन ने साफ कहा कि यह संशोधन पारदर्शी प्रक्रिया, वैधानिक अनुमोदन और व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। छात्रों के विरोध और भूख हड़ताल के बाद कुलपति की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें व्यापक सहमति बनी कि फीस वृद्धि को अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही सीमित रखा जाए। विभिन्न पाठ्यक्रमों में वास्तविक वृद्धि केवल 1.75 से 18.5 प्रतिशत के बीच है। प्रशासन के अनुसार, छात्रों के मासिक खर्च पर इसका असर बेहद मामूली होगा, कंटीन्यूएशन शुल्क में 100 रुपये से कम ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.