अलीगढ़, फरवरी 9 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में वैचारिक मतभेद और प्रशासनिक मनमानी का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की चयनित अभ्यर्थी डॉ. सदाफ फातिमा ने आरोप लगाया है कि कट्टरपंथी सोच के खिलाफ आवाज उठाने और महिला सशक्तिकरण का समर्थन करने के कारण उनका करियर बर्बाद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक मामला पहुंचने के बाद पुलिस ने एएमयू प्रशासन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। डॉ. सदाफ फातिमा ने बताया कि 2010 से 2013 के बीच उनका चयन स्थायी और अस्थायी पदों पर चयन किया गया था। एएमयू कुलपति की मंजूरी के बाद भी उनकी जॉइनिंग रोक दी गई। डॉ. सदाफ का आरोप है कि उनसे कहा गया कि वह तीन तलाक कानून का समर्थन करती हैं। उनपर एक पार्टी से जुड़ी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कैंपस से बायकॉट करने के लिए बोला गया। तीन तलाक ...
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