बदायूं, नवम्बर 3 -- डिजिटल सेवा के माध्यम से जनता को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधा को सरकार बेहतर करती जा रही है। मगर डिजिटल सेवा को हैकरों की नजर लग जाती है। जिसकी वजह से फर्जीवाड़ा हो जाता है। अगर फर्जीवाड़ा का डर न हो तो स्वास्थ्य विभाग हर डिलीवरी प्वाइंट पर जन्म प्रमाण पत्र बना देगा। एएनएम स्तर तक हर डिलीवरी प्वाइंट पर जन्म प्रमाण पत्र की सुविधा दे दी गई है। मगर फर्जीवाड़ा का स्तर न बड़े इसीलिए यूजर आईडी बना तो दी गई हैं लेकिन संचालित नहीं की गई हैं। जनपद में जिला प्रशासन, पंचायत राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग के तहत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने को 1425 यूजर आईडी संचालित हैं। जिसमें 1037 यूजर आईडी ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित हैं और वहां जन्म प्रमाण पत्र बनाये जा सकते हैं। वहीं 21 नगर पालिका व नगर पंचायत में जन्म प्रमाण पत्र बनान...
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